Madharaasi Movie Review- शिवकार्तिकेयन का जबरदस्त अवतार, धमाकेदार एक्शन

By Surender Bind

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Madharaasi Movie Review

Madharaasi Movie Review- शिवकार्तिकेयन का जबरदस्त अवतार, धमाकेदार एक्शन : ए.आर. मुरुगदॉस की बहुप्रतीक्षित “माधरासी” आज सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है। फिल्म तमिलनाडु में बढ़ते गन कल्चर पर केंद्रित है।

विराट (विद्युत जामवाल) और उसका पार्टनर चिराग (शब्बीर कलरक्कल) राज्य में अवैध हथियारों की बाढ़ लाने के लिए एक खतरनाक सिंडिकेट के साथ मिल जाते हैं। इस खतरे से निपटने के लिए एनआईए के अधिकारी प्रेमनाथ (बिजू मेनन) संघर्ष कर रहे होते हैं। तभी उनकी मुलाकात होती है रघु राम (शिवकार्तिकेयन) से, जो आत्महत्या के कगार पर खड़ा होता है। प्रेमनाथ उसे इस मिशन में भर्ती कर लेते हैं और इसी के साथ खुलने लगती है एक दर्दनाक कहानी, जिसमें शामिल है मालती (रुक्मिणी वसंत) और रघु राम का अतीत।

फिल्म प्यार, दर्द और हिंसा के बीच एक सामाजिक संदेश देने की कोशिश करती है — हथियारों की बढ़ती समस्या पर चेतावनी

रिलीज़ डेट: 5 सितंबर 2025निर्देशक: ए.आर. मुरुगदॉसमुख्य कलाकार: शिवकार्तिकेयन, रुक्मिणी वसंत, विद्युत जामवाल, बिजू मेनन, शब्बीर कलरक्कलम्यूज़िक: अनिरुद्ध रविचंदर


परफॉर्मेंस रिव्यू

शिवकार्तिकेयन का कमाल

शिवकार्तिकेयन ने इस बार अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलकर एक गंभीर, भावुक और एक्शन से भरपूर किरदार निभाया है। रघु राम की टूटी-फूटी मानसिक स्थिति, उसकी पीड़ा और उसका जुनून — सबकुछ बेहद प्रभावी है।
“सलंबाला” गाने में उनके डांस मूव्स पहले से ही सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।

सपोर्टिंग कास्ट

  • विद्युत जामवाल (विराट): एक्शन दमदार है, लेकिन किरदार उतना यादगार नहीं।
  • रुक्मिणी वसंत (मालती): तमिल डेब्यू में उन्होंने दिल जीत लिया। शिवकार्तिकेयन के साथ उनकी केमिस्ट्री इमोशनल बैलेंस लाती है।
  • बिजू मेनन (प्रेमनाथ): शांत, सधा हुआ और असरदार अभिनय।
  • शब्बीर कलरक्कल (चिराग): उनका सायको-पॉजिटिव अंदाज़ कई सीन में शो चुरा लेता है।

तकनीकी पक्ष

डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले

मुरुगदॉस का अंदाज़ “थुप्पाक्की” और “घजिनी” की याद दिलाता है, लेकिन “माधरासी” की स्क्रिप्ट में कसाव की कमी खलती है।

  • पहला हाफ: रोमांस, कॉमेडी और एक्शन का परफेक्ट मिक्स — काफी एंटरटेनिंग।
  • दूसरा हाफ: कहानी प्रेडिक्टेबल हो जाती है, गाने बीच-बीच में रफ्तार तोड़ते हैं।

म्यूज़िक और बीजीएम

अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड स्कोर बेहतरीन है और एक्शन सीक्वेंस में एड्रेनालिन बढ़ा देता है। लेकिन गाने उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते।

सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग

सुदीप एलामोन की कैमरा वर्क शानदार है, खासकर एक्शन सीन्स में। वहीं, ए. श्रीकर प्रसाद की एडिटिंग बेहतर हो सकती थी — दूसरा हाफ खिंचा-खिंचा लगता है।


हाइलाइट्स बनाम कमज़ोरियां

हाइलाइट्स

  1. शिवकार्तिकेयन का पावर-पैक्ड परफॉर्मेंस
  2. एक्शन सीक्वेंस — इंटरवल ब्लॉक और क्लाइमेक्स शानदार
  3. गन कल्चर पर सोशल मैसेज
  4. पहला हाफ एंटरटेनिंग और क्रिस्प

कमज़ोरियां

  1. प्रेडिक्टेबल स्क्रीनप्ले — खासकर दूसरा हाफ
  2. फीकी लव स्टोरी — केमिस्ट्री के बावजूद स्पार्क की कमी
  3. विद्युत का कमजोर खलनायक
  4. औसत गाने — फ्लो तोड़ते हैं

मुरुगदॉस की पुरानी फिल्मों से तुलना

फिल्म की स्टाइल “घजिनी” और “थुप्पाक्की” जैसी है, लेकिन नवाचार की कमी के कारण ये उतनी गूंज नहीं छोड़ती। मुरुगदॉस की अपनी ही बार सेट की गई अपेक्षाओं पर फिल्म पूरी तरह खरी नहीं उतरती।


ऑडियंस और बॉक्स ऑफिस

सोशल मीडिया पर #Madharaasi और #Sivakarthikeyan ट्रेंड कर रहे हैं।

  • पॉज़िटिव रिव्यू: शिवकार्तिकेयन की एक्टिंग और एक्शन की तारीफ।
  • नेगेटिव रिव्यू: प्रेडिक्टेबल प्लॉट और गानों की आलोचना।

पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर तगड़ी ओपनिंग की उम्मीद है, लेकिन लॉन्ग-रन सक्सेस वर्ड-ऑफ-माउथ पर निर्भर करेगी।


फाइनल वर्डिक्ट

“माधरासी” एक डिसेंट एक्शन थ्रिलर है, जो शिवकार्तिकेयन के फैंस के लिए ट्रीट है। एक्शन और परफॉर्मेंस दमदार हैं, लेकिन स्क्रिप्ट में नयापन नहीं है।

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